मोटर दुर्घटना मुआवजा- मृतक के लिए जो प्रासंगिक गुणक हो, उसे ही लागू किया जाना चाहिए: सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि मोटर दुर्घटना मुआवजे की गणना करते समय मृतक के लिए प्रासंगिक गुणक लागू किया जाना चाहिए। मामले के मुताबिक, एक दुर्घटना में जे जयचंद्रन की मृत्यु के बाद उसके माता-पिता ने मुआवजे का दावा दायर किया था। एमएसीटी ने 16 का गुणक लिया क्योंकि दुर्घटना के समय मृतक की उम्र 33 वर्ष थी, और 30,81,577 रुपए की राशि की गणना की। एमएसीटी का तर्क यह था कि मृतक सऊदी अरब में नौकरी करता था, जहां वह 3,500 रियाल कमा रहा था। केस शीर्षक: चंद्रा बनाम शाखा प्रबंधक, ओरिएंटल इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड
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