[भरण-पोषण भत्ता का भुगतान न होना] मजिस्ट्रेट सीआरपीसी धारा 421 के तहत जुर्माना लगाए बिना गिरफ्तारी का वारंट जारी नहीं कर सकता : इलाहाबाद हाईकोर्ट
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने हाल ही में कहा कि भरण-पोषण भत्ता देने के न्यायालय के आदेश का पालन करने में किसी भी व्यक्ति की ओर से किसी भी विफलता की स्थिति में अदालतों के लिए सही/उपयुक्त तरीका पहले राशि की वसूली के उद्देश्य से सीआरपीसी की धारा 421 के तहत प्रदान किया गया जुर्माना लगाने के लिए वारंट जारी करना है।
इसके साथ ही जस्टिस अजीत सिंह की पीठ ने कहा कि भरण-पोषण भत्ते का भुगतान न करने के ऐसे मामलों में दंडाधिकारी के पास सीआरपीसी की धारा 421 के तहत पहले से देय राशि को जुर्माने के रूप में लगाए बिना, उत्तरदायी व्यक्ति के खिलाफ सीधे गिरफ्तारी का वारंट जारी करने का अधिकार क्षेत्र नहीं है।
केस - विपिन कुमार बनाम यू पी राज्य और अन्य
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने हाल ही में कहा कि भरण-पोषण भत्ता देने के न्यायालय के आदेश का पालन करने में किसी भी व्यक्ति की ओर से किसी भी विफलता की स्थिति में अदालतों के लिए सही/उपयुक्त तरीका पहले राशि की वसूली के उद्देश्य से सीआरपीसी की धारा 421 के तहत प्रदान किया गया जुर्माना लगाने के लिए वारंट जारी करना है। इसके साथ ही जस्टिस अजीत सिंह की पीठ ने कहा कि भरण-पोषण भत्ते का भुगतान न करने के ऐसे मामलों में दंडाधिकारी के पास सीआरपीसी की धारा 421 के तहत पहले से देय राशि को जुर्माने के रूप में लगाए बिना, उत्तरदायी व्यक्ति के खिलाफ सीधे गिरफ्तारी का वारंट जारी करने का अधिकार क्षेत्र नहीं है।
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